Mars Mantra – मंगल मंत्र

It is said that anger is a sign of weakness and it’s true but there is one more truth which is that excessive anger indicates that your Mars is weak.

If the Mars is weak, then the body of that individual appears colorless

Often, we get angry if any work is not done on time. However, every work has its own speed in this universe, and if your Mars is weak then you’ll feel that everything should happen quickly. Yes, this thought would emerge in your mind only when your Mars will be weak.

Anger and irritation in small matters are not the weaknesses of mars then what else?

Some people’s speed of doing work is very slow. You must have noticed that these people will do every work slowly and with laziness. If you are also like this, then accept it that it is due to the weakness of your mars.

Friends, the Mars is the lord of blood. When your blood relations become your enemies or they behave as your foes, then behind all this is your weak Mars and it is causing all the troubles. If you are suffering from blood-related illness, hemorrhoids, irregular periods, hormonal disturbances, or you get hurt frequently and as soon as your first wound is healed you get hurt again, then Mars is behind all this.

So, before Mars causes more damage to you, don’t delay and learn this mantra of Mars.

 

कहते हैं कि गुस्सा कमजोरी की निशानी है यह बात सच है पर यह भी बात सच है की अधिक गुस्सा आना मंगल की कमजोरी की निशानी है।

यदि मंगल कमजोर हो तो देखने में व्यक्ति के शरीर का रंग बेरंग हो जाता है

अक्सर हमें बहुत गुस्सा आता है जब कोई काम समय पर नहीं होता परंतु दुनिया में हर काम की अपनी गति होती है और यदि मंगल आपका कमजोर है तो आपको ऐसा लगेगा कि सब कुछ जल्दी जल्दी होना चाहिए

जी हां यह ख्याल तभी मन में आएगा जब आपका मंगल कमजोर होगा।

बात बात में गुस्सा चिड़चिड़ापन यह सब मंगल की कमजोरी नहीं तो और क्या है।

कुछ लोगों की कार्य करने की चलने-फिरने की गति बहुत धीमी होती है आपने देखा होगा कोई भी काम करेंगे धीरे धीरे सुस्ती से। यदि आप भी ऐसे हैं तो मान लीजिए यह मंगल की ही निर्बलता का परिणाम है।

दोस्तों मंगल स्वामी है लहू का,  और जब अपना ही खून दुश्मन बन जाए या आपके रक्त संबंधी आपके अपने दुश्मनों जैसा व्यवहार करें तो इसके पीछे भी मंगल ही आपका अमंगल कर रहा है। खून संबंधी बीमारी हो जाए बवासीर हो जाए महावारी में गड़बड़ी, हारमोंस में गड़बड़ी,  बार बार चोट लगना एक चोट ठीक हो जाए तो दूसरी चोट लग जाना इन सब के पीछे मंगल ही है।

तो इससे पहले कि मंगल आपका और नुकसान करें देर मत कीजिए सीख लीजिए मंगल के इस मंत्र को।